डॉ. श्रीमती बसंत नाग का जन्म बालोद जिले के ग्राम देवकोट में हुआ था। उन्होंने समाजशास्त्र विषय में शिक्षा प्राप्त करने के बाद शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवा शुरू की और वर्ष 2009 में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से 'डॉक्टर ऑफ़ फिलॉसफी' की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वह भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर में पदस्थ हैं और समाजशास्त्र के अध्यापन के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना का कार्य भी संभाल रही हैं। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2016 में 'राज्य नारी शक्ति सम्मान' तथा 2017 में जिला कलेक्टर कांकेर द्वारा सम्मानित किया गया था।
जनजातीय लोकगीतों एवं लोकनृत्यों का समाजशास्त्रीय अध्ययन
by बसंत नाग
यह पुस्तक जनजातीय समाज और संस्कृति का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें उत्तरदाताओं के सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय विवरणों के साथ-साथ जनजातीय लोकगीतों और लोकनृत्यों का...