डॉ. अखिलेन्द्र प्रताप सिंह का जन्म 10 मई 1985 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के ताजपुर गाँव में हुआ था। उन्होंने एम.ए., पी-एच.डी. और यू.जी.सी. नेट की शिक्षा प्राप्त की है और वे रमाबाई राजकीय महिला महाविद्यालय अकबरपुर, अम्बेडकर नगर में हिन्दी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें 'बहुजन उद्धारक कांशीराम और हिन्दी दलित साहित्य' और 'अस्मितामूलक साहित्य और आन्दोलन' जैसी कृतियों के लिए जाना जाता है तथा उन्हें ओमप्रकाश वाल्मीकी कहानी पुरस्कार व मान्यवर कांशीराम प्रशस्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
by डॉ. अखिलेंद्र प्रताप सिंह, शालिनी रत्नाकर, डॉ. प्रेमलता
डॉ. कर्मानंद आर्य द्वारा लिखित यह पुस्तक समकालीन आदिवासी कविता और उसके विविध आयामों का अध्ययन प्रस्तुत करती है। हिंदी साहित्य के इतिहास में पहली बार दलित और आदिवासी रचनाकारों की...