धीरज़ सिंह वर्तमान में मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, मोहन नगर, गाजियाबाद के शिक्षा विभाग में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास शिक्षण-प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने गणित, हिंदी साहित्य, तथा शिक्षा शास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनके 20 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने कई पुस्तकों व पाठयोजना पुस्तकों का लेखन व संपादन किया है।
यह खंड डॉ. निशा सिंह और डॉ. धीरज सिंह द्वारा लिखा गया है, जो पेशेवर शिक्षा में व्यापक शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव वाले शिक्षक और शोधकर्ता हैं। डॉ. निशा सिंह हिंदी साहित्य, शिक्ष...
यह पुस्तक भारतीय संस्कृति को समृद्ध करने वाले विभिन्न तत्त्वों जैसे वैदिक शिक्षा पद्धति, धर्म और प्राचीन साहित्य का अध्ययन करती है। इसमें भारतीय संस्कृति और उसके पारिवारिक, सामा...
यह पुस्तक कोरोना महामारी के कारण भारतीय शिक्षकों के समक्ष उत्पन्न हुई विभिन्न चुनौतियों और समस्याओं का अध्ययन करती है। यह विशेष रूप से प्राइवेट संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की...
यह पुस्तक भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर कोरोना महामारी के प्रभाव का अध्ययन करती है। यह इस बात का विश्लेषण करती है कि किस प्रकार कोविड-19 और इसके कारण लगाए गए लॉकडाउन ने शिक्षण संस्थ...
यह पुस्तक मोहनदास करमचंद गांधी के जीवन, उनके व्यक्तित्व और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुआयामी योगदान का अध्ययन करती है। यह उनके प्रारंभिक जीवन, पारिवारिक संस्कारों, शिक...
महात्मा गाँधी एक वैचारिक आयाम एवं वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता
by डॉ. निशा सिंह, डॉ. धीरज सिंह
यह पुस्तक महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तुत वर्धा शिक्षा योजना और बुनियादी शिक्षा का परिचय देती है। यह ब्रिटिशकालीन शिक्षा व्यवस्था की कमियों का अध्ययन करती है, जो भारतीयों को केवल...