डॉ० श्वेता चनियाल की प्रारम्भिक शिक्षा जनपद नैनीताल (पटवाडांगर) से शुरू हुई तथा इण्टरमीडिएट तक शिक्षा भी ऐपाल देवता राजकीय इण्टर कॉलेज पटवाडांगर नैनीताल से हुई है। स्नातक एवं परास्नातक की शिक्षा डी०एस०बी० परिसर, कुमाऊँ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। डॉ० चनियाल ने वर्ष 2009 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र विषय में शोध उपाधि प्राप्त की तथा वर्तमान में डॉ० चनियाल सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं आपके अभी तक दो दर्जन से अधिक शोध पत्र अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। दो दर्जन से अधिक शोध पत्र विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रस्तुत कर चुकी हैं। पूर्व में आपके द्वारा चार पुस्तकें जिसमें पहली "कुमाऊं के कृषि श्रमिक (तराई एवं भाभर के विशेष संदर्भ में)" दूसरी पुस्तक "महिला सशक्तीकरण: विविध आयाम" तीसरी पुस्तक "पार्वतीय विकास" चौथी पुस्तक "ग्रामीण विकास" प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त आप यू०पी०ओ०ई०ए० के आजीवन सदस्य हैं तथा अन्य पत्र-पत्रिकाओं व संस्थाओं की भी सदस्य हैं। आप सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के सहायक कुलानुशासक के रूप में कार्य रह हैं। वर्तमान में आपके शोध निर्देशन में 04 शोधार्थी कार्य कर रहे हैं।
यह पुस्तक भारत में प्रवास (माइग्रेशन) के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक आयामों का विश्लेषण करती है। लेखक ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की...