प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिन्तन में धर्म
मनु एवं कौटिल्य के विशेष सन्दर्भ में
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- Author
- डॉ. निशा गोयल
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Philosophy, Political Science, Religion and Spirituality
- ISBN
- 9788194885078
- Edition
- 2021
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 318
Description
यह पुस्तक प्राचीन भारतीय राजनीतिक चिंतन में धर्म की महत्ता, इसके धर्मनिरपेक्ष स्वरूप तथा मनुस्मृति एवं कौटिल्य के अर्थशास्त्र के विशेष संदर्भ में धर्म और राजव्यवस्था की अंतःक्रिया का अध्ययन करती है। पुस्तक का मुख्य तर्क यह है कि प्राचीन भारत में राजनीति का सर्वप्रमुख आधार धर्म था और धर्म का अर्थ संप्रदाय न होकर सदाचरण और कर्तव्य पालन था। इसके अध्यायों में मनु और कौटिल्य के विचारों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है, जहाँ मनु आदर्शवादी व्यवस्था और आध्यात्मिक पक्ष पर बल देते हैं, वहीं कौटिल्य यथार्थवाद और भौतिक पक्ष को प्रधान मानते हैं। इसके अतिरिक्त, पुस्तक में प्राचीन धर्म की अवधारणा तथा आधुनिक भारतीय संविधान में अपनाई गई धर्मनिरपेक्षता की धारणा के बीच की समानता को सिद्ध किया गया है। पुस्तक में धर्म के परिवर्तित स्वरूप की व्याख्या करते हुए समकालीन राजनीति में धर्म की प्रासंगिकता, सेकुलरवाद के विकास तथा राष्ट्रीय आंदोलन के प्रभावों का भी समग्र मूल्यांकन किया गया है।