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बस्तर में गोंड़ जनजातियों में धर्म और उनके बदलते प्रतिमान

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बस्तर में गोंड़ जनजातियों में धर्म और उनके बदलते प्रतिमान

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Author
कृपाराम ध्रुव
Publisher
Akhand Publishing House
Categories
Best Sellers, Nonfiction, Religion and Spirituality, Social Science
ISBN
9789388998178
Edition
2019
Format
Hard Bound
Size
Demy
Pages
373

Description

यह पुस्तक गोंड़ जनजाति के समाज, संस्कृति, परंपराओं और उनके धार्मिक जीवन का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें मुख्य रूप से गोंड़ जनजाति की गोत्र उत्पत्ति की पौराणिक कथाओं, गोत्र प्रतीकों, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से जुड़े निषेधों, तथा विभिन्न गोत्रों के देवी-देवताओं और उनकी पारिवारिक व्यवस्था का विश्लेषण किया गया है। पुस्तक में ग्राम्य एवं पारिवारिक देवी-देवताओं, अनुष्ठानों की विधियों, महुआ फूल से बनी शराब की पवित्रता, और धार्मिक अनुष्ठानों में उसके प्रयोग के कारणों को रेखांकित किया गया है। इसके अलावा, पारी कुपार लिंगों की धार्मिक शिक्षा, लोकगीत, लोकनृत्य, संगीत की उत्पत्ति, वाद्य यंत्रों के वादन और उनसे जुड़ी पूजा-प्रार्थनाओं का भी वर्णन है। ग्रंथ में वर्तमान और बीस वर्ष पूर्व की धार्मिक व्यवस्थाओं की तुलना, पूजा-विधान, बलि और मद्य अर्पित करने की परंपरा, धार्मिक स्थलों, और महिलाओं की पूजा में सहभागिता जैसे विषयों को शामिल किया गया है। अंत में, अन्य धर्मों के अनुसरण, हिन्दू धर्म के संप्रदायों और जनजाति धर्म के संकटों पर भी प्रकाश डाला गया है।