डॉ. अम्बेडकर और समावेशी लोकतंत्र
संवैधानिक अधिकार एवं सामाजिक न्याय के परिप्रेक्ष्य में
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- Author
- डॉ. अमरनाथ पासवान
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Nonfiction, Political Science, Social Science
- ISBN
- 9788194600657
- Edition
- 2020
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 284
Description
यह पुस्तक डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के भारतीय लोकतंत्र में योगदान, समावेशी लोकतंत्र के उभरते विषयों, संवैधानिक अधिकारों के हनन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन करती है। यह इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे आंबेडकर ने घोर निराशाजनक परिस्थितियों के बीच करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी और भारत के लिए एक ऐसा विस्तृत संविधान बनाया जिसका उद्देश्य देश को एक समावेशी लोकतंत्र के रूप में स्थापित करना है। पुस्तक यह मुख्य तर्क प्रस्तुत करती है कि संवैधानिक अधिकारों के अल्पीकरण और सामाजिक न्याय की अनदेखी करके भारत को एक प्रगतिशील राष्ट्र बनाना असंभव है, और संविधान की सफलता इसे लागू करने वालों पर निर्भर करती है। इसमें देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधार्थियों और बुद्धिजीवियों के दो दर्जन से अधिक आलेखों एवं शोध पत्रों का संकलन किया गया है, जो वर्तमान संदर्भ में एक समावेशी और सतत समाज की स्थापना और आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता का गहराई से विश्लेषण करते हैं।