हिन्दी साहित्य
बदलते स्वरूप, परिवेश और प्रारूप
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- Author
- डॉ. रजनी सिंह
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Hindi Sahitya, Literature, Social Science
- ISBN
- 9789388998529
- Edition
- 2019
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 200
Description
प्रस्तुत पुस्तक आज के प्रगतिशील और कठिन समय में साहित्य की भूमिका और उसके माध्यम से मिलने वाले समाधानों का अध्ययन करती है। यह रचना मानव जीवन से जुड़े उन उलझे हुए प्रश्नों को सुलझाने का एक छोटा प्रयास करती है, जो व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करते हैं। पुस्तक में मुख्य रूप से साम्प्रदायिकता, आतंकवाद और समलैंगिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, इसमें वर्चस्व और संघर्ष के बीच पिसते स्त्री व पुरुष संबंधों की जटिलताओं का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। इन सभी विषयों के माध्यम से यह पुस्तक समकालीन जीवन की चुनौतियों और उसके विभिन्न पहलुओं को समझने का मार्ग दिखाती है। इस पुस्तक की लेखिका Dr. Rajni Singh हैं, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से प्राप्त की है और वर्तमान में एक स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य कर रही हैं। इस कृति को Akhand Publishing House द्वारा प्रस्तुत किया गया है।