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भारतीय अम्बेडकरवादी कहानी साहित्य

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भारतीय अम्बेडकरवादी कहानी साहित्य

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Author
डॉ. पी. व्ही. महालिंगे
Publisher
Akhand Publishing House
Categories
Hindi Sahitya, Religion and Spirituality, Social Science
ISBN
9789388998680
Edition
2019
Format
Hard Bound
Size
Demy
Pages
236

Description

यह पुस्तक प्राचीन भारतीय समाज व्यवस्था, वर्णव्यवस्था, और धार्मिक ग्रंथों के आधार पर 'दलित' अवधारणा, उसके सिद्धांत और स्वरूप का अध्ययन करती है। पुस्तक मुख्य रूप से यह तर्क देती है कि वेदों, पुराणों, स्मृतियों और विशेषकर 'मनुस्मृति' जैसे हिंदू धार्मिक ग्रंथों ने चातुर्वर्ण व्यवस्था को ईश्वरीय और पवित्र बताकर शूद्रों और दासों के भीषण शोषण को बढ़ावा दिया है। इसमें प्राचीन काल से लेकर आधुनिक समय तक शूद्रों, अस्पृश्यों, और दासों पर हुए सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक अत्याचारों, प्रतिबंधों और अमानवीय व्यवहार का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। पुस्तक में अबहिष्कृत (ओबीसी) और बहिष्कृत (अनुसूचित जाति) शूद्रों की स्थितियों, दास प्रथा के इतिहास, तथा धर्म और परंपरा के नाम पर निर्बल वर्ग के दमन की पड़ताल की गई है। इसके अलावा, यह पुस्तक डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के आलोक में 'दलित' शब्द की व्युत्पत्ति, इतिहास, और उसके अर्थ को स्पष्ट करते हुए बताती है कि कैसे यह शब्द शोषित, उपेक्षित और दबे-कुचले वर्ग की चेतना, संघर्ष और विद्रोह का प्रतीक बना है।