महाकुम्भ
अमृत सांस्कृतिक विरासत
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- Authors
- Prof. Amit Bharadwaj, Dr. Amita Singh
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Best Sellers, Nonfiction, Religion and Spirituality
- ISBN
- 9788119098347
- Edition
- 2025
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 320
Description
महाकुम्भ, भारत की सनातन परम्परा का एक अद्वितीय आयोजन, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाता है। यह आयोजन समुद्र मथन की पौराणिक कथा से उत्पन्न हुआ है, जहाँ अमृत की बूंद पृथ्वी पर चार तीर्थस्थलों—प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक—पर गिरी। हर बार 12 वर्ष में इन स्थानों पर कुम्भ मेला आयोजित होता है। 2017 में यूनेस्को ने इसे अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया, जिससे इसकी वैश्विक महत्ता स्पष्ट हुई। 2025 के प्रयागराज महाकुम्भ में डिजिटल पंजीकरण, AI‑आधारित भीड़ प्रबंधन और ड्रोन निगरानी जैसी तकनीकों का प्रयोग हुआ, जिससे सुरक्षा और सुविधा बढ़ी। आयोजन में शाही स्नान, सतसंग, योग, ध्यान और कथावाचन जैसे आध्यात्मिक अनुष्ठान शामिल हैं, जो विविध धर्मों, भाषाओं और विचारधाराओं के लोगों को एकत्रित करते हैं। यह सामाजिक एकता, आर्थिक पर्यटन, हस्तशिल्प और कारीगरी को भी प्रोत्साहित करता है। महाकुम्भ को केवल धार्मिक मेला नहीं, बल्कि मानव चेतना, ब्रह्मांडीय ऊर्जा और जल तत्त्व के संगम का प्रतीक माना जाता है।