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महात्मा गाँधी एक वैचारिक आयाम एवं वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता

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महात्मा गाँधी एक वैचारिक आयाम एवं वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता

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Authors
डॉ. निशा सिंह, डॉ. धीरज सिंह
Publisher
Akhand Publishing House
Categories
Education, History, Nonfiction
ISBN
9788194793663
Edition
2020
Format
Hard Bound
Size
Demy
Pages
303

Description

यह पुस्तक महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तुत वर्धा शिक्षा योजना और बुनियादी शिक्षा का परिचय देती है। यह ब्रिटिशकालीन शिक्षा व्यवस्था की कमियों का अध्ययन करती है, जो भारतीयों को केवल अंग्रेजों के सेवक के रूप में तैयार करती थी। पुस्तक अक्टूबर 1937 के वर्धा शिक्षा सम्मेलन, उसमें पारित प्रस्तावों और डॉ. जाकिर हुसैन समिति के गठन तथा उसके प्रतिवेदनों का विस्तार से वर्णन करती है। इसमें बुनियादी शिक्षा के मुख्य सिद्धांतों को कवर किया गया है, जैसे सात से चौदह वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा, मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाना, हस्तशिल्प और कला को शिक्षा का केंद्र रखना, तथा देश को स्वावलंबन और आत्मनिर्भर बनाना। पुस्तक वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की स्थितियों का भी उल्लेख करती है और यह दर्शाती है कि कैसे वर्धा शिक्षा योजना आज के समय में भी देश के लिए एक मार्गदर्शक भूमिका निभा सकती है।