किरातार्जुनीयम् में निरूपित राजनीतिक व्यवस्था एवं उसकी उपादेयता
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- Author
- डॉ० सलिल कुमार पाण्डेय
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Hindi Sahitya, Literature, Political Science
- ISBN
- 9789388998307
- Edition
- 2019
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 216
Description
यह पुस्तक किरातार्जुनीय में निहित राजनीतिक तत्वों का अध्ययन करती है। इसमें चित्रित राजतंत्र और उसके अंतर्गत समाहित लोकतांत्रिक प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया है। ग्रंथ का मुख्य तर्क यह है कि शासन पद्धति चाहे राजतंत्र हो, यदि उसमें प्रजा की भावनाओं और अभिलाषाओं को आधार माना जाए तथा जनता निर्भय होकर अपनी बात राजा के समक्ष रख सके, तो वह एक आदर्श लोकतंत्र बन जाता है। राजा प्रजा के लिए होता है और वह निरंकुश न होकर प्रजा के अंकुश के अधीन रहता है। महाकाव्य में संकेतित राजा के गुणों और कर्तव्यों से यह सिद्ध होता है कि राजतंत्र होने पर भी प्रजातांत्रिक तत्वों को मान्यता दी जाती थी, क्योंकि राजागण प्रजापालन को ही अपना प्रमुख कर्तव्य मानते थे। इस प्रकार यह कृति प्राचीन शासन प्रणालियों में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों और राजा तथा प्रजा के परस्पर संबंधों का विस्तृत अन्वेषण करती है।