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प्रगतिशील स्त्री विमर्श

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प्रगतिशील स्त्री विमर्श

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Authors
डॉ. गौरव त्रिपाठी, डॉ. कामिनी वर्मा
Publisher
Akhand Publishing House
Categories
Social Science
ISBN
9789388998437
Edition
2019
Format
Hard Bound
Size
Demy
Pages
250

Description

यह पुस्तक भारतीय समाज में किराये की कोख यानी सरोगेसी की प्रक्रिया, उसके विभिन्न स्वरूपों और उससे जुड़े सामाजिक, धार्मिक तथा कानूनी पहलुओं का अध्ययन करती है। यह पुस्तक बताती है कि कैसे सरोगेसी चिकित्सा विज्ञान की एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से अनुर्वर युगल संतान प्राप्त करते हैं, और इसके अंतर्गत जेस्टेशनल सरोगेसी, ट्रेडिशनल सरोगेसी और डोनर के उपयोग जैसी विधियों का विस्तार से वर्णन किया गया है। पुस्तक में प्राचीन धार्मिक ग्रंथों और वेदों-पुराणों के हवाले से इस बात की चर्चा की गई है कि कृत्रिम गर्भधारण और परखनली शिशुओं की अवधारणा ऐतिहासिक रूप से भी मौजूद रही है। इसके साथ ही, यह पुस्तक भारत में सरोगेसी के एक बड़े व्यवसाय के रूप में विकसित होने, इसकी कम लागत के कारण विदेशी नागरिकों के यहाँ आने, और इस क्षेत्र में बढ़ती व्यावसायिकता तथा विलासिता की प्रवृत्ति को रेखांकित करती है। पुस्तक में सरोगेट माताओं के शोषण, बिचौलियों के रैकेट, बच्चों को छोड़े जाने की घटनाओं और कानूनी विसंगतियों जैसी गंभीर समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है, जिसके समाधान के लिए लाए गए विभिन्न विधेयकों और विधिक नियमों को इसके मुख्य विषयों के रूप में शामिल किया गया है।