समाजवादी भाव-अभिकल्पना और पं. जवाहर लाल नेहरू
A question about this book? Ask us
- Author
- डॉ. अखिलेश त्रिपाठी
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- History, Nonfiction, Political Science
- ISBN
- 9788194536765
- Edition
- 2020
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 236
Description
यह पुस्तक पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन वृत्त, उनके राजनीतिक चिन्तन और उसके विकास का अध्ययन करती है। पुस्तक यह रेखांकित करती है कि नेहरू के पारिवारिक परिवेश का उनके विचारों पर आजीवन प्रभाव रहा। उनके चिन्तन को आकार देने में तीन प्रमुख व्यक्तित्वों—पिता, महात्मा गांधी और रवीन्द्र नाथ टैगोर—तथा पाश्चात्य दर्शन का विशेष योगदान रहा। ग्रंथ में उनके इंग्लैंड प्रवास के दौरान ब्रिटिश उदारवाद के गहरे प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। यह तर्क दिया गया है कि भारतीय संदर्भ में नेहरू जिस समाजवाद का प्रयोग करते थे, वह मूल रूप से ब्रिटिश उदारवाद था, जो वैधानिक साधनों के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन का पक्षधर था। इसके अतिरिक्त, पुस्तक में महात्मा गांधी के साथ उनके संबंधों और अंतरों का भी विवेचन किया गया है। यद्यपि नेहरू पर गांधी के 'साध्य और साधन की पवित्रता' के सिद्धांत का प्रभाव था, फिर भी विकास के दृष्टिकोण में दोनों के मध्य व्यापक भिन्नता थी। अंततः, यह अध्ययन साम्यवाद की ओर उनके आकर्षण का भी अन्वेषण करता है।