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संविधान के नीति-निर्देशक सिद्धान्त एवं क्रियान्वयन में विधायिका की भूमिका

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संविधान के नीति-निर्देशक सिद्धान्त एवं क्रियान्वयन में विधायिका की भूमिका

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Author
डॉ. संज्ञा राय मीना
Publisher
Akhand Publishing House
Categories
Nonfiction, Political Science
ISBN
9788194536734
Edition
2020
Format
Hard Bound
Size
Demy
Pages
226

Description

यह पुस्तक भारतीय संविधान के भाग-चार में वर्णित नीति निदेशक तत्त्वों, उनकी प्रकृति, उनके क्रियान्वयन तथा मूल अधिकारों के साथ उनके संबंधों का गंभीर अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में इस बात का विश्लेषण किया गया है कि किस प्रकार निदेशक तत्त्व राज्य के लोक कल्याणकारी स्वरूप की अभिव्यक्ति का माध्यम हैं और कैसे वे राज्य पर सकारात्मक दायित्व आरोपित करते हैं। इसमें संविधान सभा की बहसों, न्यायिक निर्णयों, तथा संसद और न्यायपालिका के मध्य हुए संवैधानिक विकास के विभिन्न चरणों का विमर्श शामिल है। मुख्य विषयों में मूल अधिकारों और निदेशक तत्त्वों के मध्य प्रारंभिक द्वंद्व, उनके परस्पर पूरक होने की स्थिति, तथा विभिन्न संवैधानिक संशोधनों का प्रभाव सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, पुस्तक नीति निदेशक तत्त्वों के क्रियान्वयन के मूल्यांकन के उद्देश्य से राजस्थान विधानसभा की भूमिका, शासकीय नीतियों, विधायी उपक्रमों, संकल्पों और बहसों का आलोचनात्मक व विश्लेषणात्मक आकलन प्रस्तुत करती है।