सिंहासन के इधर-उधर
राजबहादुर ‘विकल’
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- Author
- डॉ. प्रशान्त अग्निहोत्री
- Publisher
- Akhand Publishing House
- Categories
- Hindi Sahitya, Literature, Nonfiction
- ISBN
- 9788119098873
- Edition
- 2025
- Format
- Hard Bound
- Size
- Demy
- Pages
- 144
Description
राजबहादुर ‘विकल’ की पुस्तक में उनके जीवन के अनुभवों और समाज‑विरोधी विचारों को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने शैक्षणिक पृष्ठभूमि, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहदारी और बाद में शैक्षणिक कार्यों को जोड़ते हुए यह दिखाया है कि कैसे उन्होंने अपने गाँव के संघर्षों, सामाजिक अन्याय और आर्थिक शोषण को अपनी रचनाओं में उकेरा। मुख्य तर्क यह है कि कविता केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है जो आम आदमी की पीड़ा और देश‑प्रेम को जागृत करता है। विषयों में स्वतंत्रता, शहदारी, शिक्षा, महिलाओं की सशक्तिकरण, ग्रामीण जीवन, और सामाजिक न्याय शामिल हैं। लेखक ने कविताओं के माध्यम से शहदारी के अनुभव, शैक्षणिक कार्य, और समाज में परिवर्तन लाने के प्रयासों को एक साथ बुनकर पाठक को प्रेरित किया है।