विकेन्द्रीकृत ग्रामीण स्वशासन एवं विकास की राजनीति
by डॉ. ओम प्रकाश
यह पुस्तक विकेन्द्रीकृत ग्रामीण स्वशासन और विकास की राजनीति का अध्ययन करती है। यह भारत में ग्रामों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पंचायत राज व्यवस्था के विकास और उसके उतार-चढ़ावों का वि...
Indian Culture - An Overview is an edited book that explores the depth and significance of Indian culture. The volume examines culture as a comprehensive way of life encompassin...
यह पुस्तक वसाहतीक भारतामधील शोषित-अंकित जनसमूहांच्या जाणिवा, त्यांचे संघर्ष आणि विविध चळवळींचा अभ्यास करते. ग्रंथामध्ये एकोणिसाव्या शतकातील शेतकरी उठाव, आदिवासींचे बंड, तसेच साम...
इक्कीसवीं सदी के हिंदी साहित्य में किसान और मजदूर विमर्श
by डॉ. सुनिल चव्हाण
यह पुस्तक लॉकडाउन के दौरान समाज के सबसे कमजोर वर्गों, विशेषकर किसानों और मजदूरों पर पड़े गंभीर प्रभावों का अध्ययन करती है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि कैसे उद्योगों के बंद ह...
This book studies the status and participation of women laborers under British colonial rule in India. It examines the miserable general position of women during this period, ma...
स्वतंत्रता के उपरान्त भारत के ग्रामों की शैक्षिक एवं आर्थिक दशा
1952 ई. - 2000 ई.
by डॉ. हितेन्द्र यादव
यह पुस्तक स्वतंत्र भारत के गाँवों की शैक्षिक एवं आर्थिक दशा का अध्ययन करती है, जिसमें वर्ष 1952 से 2000 ईस्वी तक के कालखंड को गहराई से विश्लेषित किया गया है। पुस्तक के मुख्य विष...
यह पुस्तक भारतीय समाज में शिक्षा के महत्व और जनजातीय शिक्षा के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करती है। यह इस मुख्य तर्क पर आधारित है कि राष्ट्र के सभी नागरिकों का सर्वांगीण विकास करने...
यह पुस्तक भारत और विशेष रूप से उत्तराखण्ड में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन करती है। यह प्राचीन काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की स्थिति में आए परि...
Contributions and Relevance of B R Ambedkar’s Thoughts in Contemporary India
by डॉ. अमरनाथ पासवान
This book explores the philosophy, life, and extensive contributions of Dr. Bhimrao Ambedkar, examining his crucial role in shaping modern India. It studies his lifelong struggl...
यह पुस्तक डॉ. भीमराम अम्बेडकर के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व, कृतित्व और विचारों का अध्ययन करती है। इसमें उनके बहुआयामी स्वरूप, मानवतावादी दृष्टिकोण और समाज सुधार के कार्यों का विश्ल...
संवैधानिक अधिकार एवं सामाजिक न्याय के परिप्रेक्ष्य में
by डॉ. अमरनाथ पासवान
यह पुस्तक डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के भारतीय लोकतंत्र में योगदान, समावेशी लोकतंत्र के उभरते विषयों, संवैधानिक अधिकारों के हनन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन करती...
by डॉ. पी. व्ही. महालिंगे, डॉ. अर्जुन साहेबराव खरात
यह पुस्तक डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के बहुमुखी व्यक्तित्व का अध्ययन करती है। पुस्तक में उनके जीवन और कार्यों से जुड़े विभिन्न पक्षों को रेखांकित किया गया है, जिसके तहत उन्हें विश्व...
This book examines literature as a societal reflection, focusing on human relationships and the central role of husband-wife dynamics within a patriarchal Indian society. It exp...
This book explores the nature, evolution, and significance of Dalit literature, examining how it serves as a vehicle of resistance against India's entrenched caste hierarchy. It...
राष्ट्रीय महिला आयोग तथा घरेलू हिंसा निवारण कानून 2005 के आलोक में
by डॉ. हर्षिता सिंह
यह पुस्तक समाज और परिवार में महिलाओं की दोयम दर्जे की स्थिति, पितृसत्तात्मक व्यवस्था और महिलाओं के अधिकारों तथा स्वतंत्रता पर पुरुषों की निर्भरता का अध्ययन करती है। पुस्तक यह तर...
A Study in West Kameng District of Arunachal Pradesh
by Kemo Padu
This book studies the historical evolution and contemporary role of local self-government in India, focusing specifically on the Panchayati Raj system. It explores the roots of...
Revisiting Partition and Bangladesh Liberation War
Contemporary Perspectives
by Sharmistha Chatterjee (Sriwastav), Himadri Lahiri
This volume explores the complex aftermath of the 1947 Bengal Partition and the subsequent refugee migrations that continued through 1971. The book examines the socio-economic,...
यह पुस्तक समाजशास्त्र को एक ऐसे विज्ञान के रूप में अध्ययन करती है जो समाज को इकाई मानकर समग्र रूप से इसका विश्लेषण करता है। इसमें समाजशास्त्र के विषय क्षेत्र से संबंधित स्वरूपात...
This book explores the complex landscape of elementary and secondary education in India, focusing particularly on the persistent gaps between constitutional norms and actual pra...
आजादी के बाद ग्रामीण भारत का राजनीतिक एवं सामाजिक विकास
(1952 ई. से 2000 ई. तक)
by डॉ. हितेन्द्र यादव
यह पुस्तक कासगंज, पटियाली, एटा, अलीगंज और जलेसर तहसीलों के भौगोलिक और स्थानिक डेटा का अध्ययन करती है। इसमें मानचित्र के पैमाने (1 सेंटीमीटर = 5 किलोमीटर) के माध्यम से इन क्षेत्र...